रतलाम में बड़ा राजनीतिक भूचाल
पूर्व गृहमंत्री हिम्मत कोठारी को एसपी ऑफिस के बाहर जमीन पर बैठना पड़ा!
मीसाबंदी प्लॉट कब्जा मामले में कार्रवाई नहीं होने पर फूटा गुस्सा।
“जरूरत पड़ी तो पार्टी छोड़ दूंगा”
आमरण अनशन करूंगा”
क्या अब प्रशासन नेताओं से भी ऊपर हो गया है?
जब पूर्व गृहमंत्री की नहीं सुनी जा रही, तो आम जनता का क्या होगा?
“पूर्व गृहमंत्री को बैठना पड़ा ज़मीन पर! रतलाम पुलिस प्रशासन पर फूटा गुस्सा, मीसाबंदी प्लॉट कब्जा मामला गरमाया”
हाईलाइट हेडलाइन
पूर्व गृहमंत्री हिम्मत कोठारी एसपी ऑफिस के बाहर ज़मीन पर बैठे
मीसाबंदी के प्लॉट पर अवैध कब्जे को लेकर प्रशासन पर गंभीर सवाल
4 दिन पहले चेतावनी के बाद भी कार्रवाई नहीं
एसपी अमित कुमार ने थाना प्रभारी को FIR दर्ज करने के दिए निर्देश
“जरूरत पड़ी तो पार्टी भी छोड़ दूंगा” — हिम्मत कोठारी
नारद न्यूज़24 मध्यप्रदेश
राजनीतिक व्यवस्था में बढ़ती प्रशासनिक लापरवाही पर बड़ी खबर
रतलाम में उस समय राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हलचल मच गई जब प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री हिम्मत कोठारी को पुलिस अधीक्षक कार्यालय के बाहर ज़मीन पर बैठना पड़ा। मामला मीसाबंदी के प्लॉट पर कथित अवैध कब्जे और प्रशासनिक निष्क्रियता से जुड़ा है।
https://naradhnews24.in/archives/21180

बताया जा रहा है कि चार दिन पूर्व ही पूर्व गृहमंत्री ने पुलिस अधीक्षक अमित कुमार से मुलाकात कर पूरे मामले की विस्तृत जानकारी दी थी और दोषियों पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी। लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर बुधवार को उनका गुस्सा खुलकर सामने आया।
जैसे ही पूर्व गृहमंत्री के जमीन पर बैठने की सूचना एसपी को मिली, वे तत्काल बाहर आए और उन्हें समझाकर अपने चेंबर में ले गए। इसके बाद एसपी ने दीनदयाल नगर थाना प्रभारी अनुराग यादव को तुरंत प्रकरण दर्ज करने के निर्देश दिए।
https://youtu.be/eBJSBz4GiFE?si=t3HRENAamPxPWR45
इस घटनाक्रम ने जिले की राजनीति में बड़ा संदेश दे दिया है। आम जनता के बीच यह सवाल तेजी से उठ रहा है कि जब पूर्व गृहमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता की बात प्रशासन नहीं सुन रहा, तो आम नागरिकों की समस्याओं का क्या हाल होगा?
पूर्व गृहमंत्री ने साफ चेतावनी देते हुए कहा कि यदि मीसाबंदियों को उनका प्लॉट वापस नहीं मिला और दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आमरण अनशन करेंगे। इतना ही नहीं, उन्होंने यह तक कह दिया कि आवश्यकता पड़ी तो पार्टी छोड़ने और सड़क पर उतरकर आंदोलन करने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
https://youtu.be/eBJSBz4GiFE?si=t3HRENAamPxPWR45
रतलाम की यह घटना अब केवल एक प्लॉट विवाद नहीं, बल्कि राजनीतिक व्यवस्था बनाम प्रशासनिक शक्ति का प्रतीक बनती दिखाई दे रही है।
Author: Naradh News24
प्रधान संपादक


