बाजना में दबंगई का दोहरा मामला! पहले शहनाज का सामाजिक बहिष्कार, फिर सुनीता वर्मा को काटकर फेंकने की धमकी का आरोप

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मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के कथित फर्जीवाड़े का मामला न्यायालय में विचाराधीन; केस वापस लेने का दबाव बनाने और गांव छोड़ने की धमकियों के आरोप

रतलाम/बाजना। बाजना में सामाजिक दबाव, कथित दबंगई और धमकियों से जुड़ा मामला अब गंभीर रूप लेता दिखाई दे रहा है। मुख्यमंत्री कन्यादान योजना में कथित फर्जीवाड़े और धोखाधड़ी से जुड़े न्यायालयीन प्रकरण के बीच शिकायतकर्ता परिवार को समाज से बहिष्कृत करने, बाजना में नहीं रहने देने और शिकायत वापस लेने के लिए दबाव बनाने के आरोप सामने आए हैं। मामले में पहले शहनाज बी के परिवार को सामाजिक बहिष्कार की धमकी दिए जाने और उसके दो दिन बाद सुनीता वर्मा को कथित रूप से अश्लील गालियां देते हुए काटकर फेंकने की धमकी दिए जाने की शिकायत सामने आई है। पीड़ित पक्ष ने पुलिस अधीक्षक और जिला कलेक्टर से सुरक्षा एवं निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है।

25 अक्टूबर की रात मस्जिद के बाहर बैठक, सामाजिक बहिष्कार का आरोप।  

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शिकायत में सामने आए घटनाक्रम के अनुसार, 25 अक्टूबर 2026 की रात करीब 10 बजे मस्जिद के बाहर कुछ लोगों की बैठक आयोजित होने का आरोप है। शहनाज बी पत्नी आबिद के परिवार की ओर से की गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि जफर पठान (सदर), हुसैन पठान, फिरोज पठान, इमरान मकरानी, बशीर मकरानी, सद्दाम मकरानी और शाहरुख उर्फ सद्दाम सहित कुछ लोगों ने परिवार को समाज से बहिष्कृत करने का फरमान सुनाया।

आरोप है कि परिवार से बातचीत करने या उनका पक्ष लेने वाले लोगों को भी सामाजिक बहिष्कार की चेतावनी दी गई। इतना ही नहीं, परिवार को बाजना में नहीं रहने देने और गांव में दिखाई नहीं देने जैसी धमकियां दिए जाने की बात भी शिकायत में कही गई है।

पीड़ित पक्ष ने बैठक के दौरान कुछ लोगों के मोबाइल छीनने तथा मस्जिद परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे बंद किए जाने के आरोप भी लगाए हैं। इन आरोपों की निष्पक्ष जांच होना आवश्यक है।

मुख्यमंत्री कन्यादान योजना में कथित फर्जीवाड़े का मामला न्यायालय में विचाराधीन ।

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इस विवाद की पृष्ठभूमि मुख्यमंत्री कन्यादान योजना से जुड़े कथित फर्जीवाड़े के प्रकरण से जुड़ी बताई जा रही है। उपलब्ध शिकायत और पक्षकारों की जानकारी के अनुसार, शहनाज बी के परिवार की ओर से बाजना न्यायालय में कथित फर्जी शादी एवं धोखाधड़ी को लेकर मामला प्रस्तुत किया गया है।

आरोप है कि संबंधित व्यक्ति पहले से विवाहित होने के बावजूद योजना के अंतर्गत दोबारा शादी कर सरकारी योजना का लाभ लेने के मामले में शामिल रहा। इस संबंध में भारतीय दंड संहिता की धारा 420 के तहत प्रकरण दर्ज होने की जानकारी दी गई है। मामला न्यायालय में विचाराधीन बताया जा रहा है।

शिकायतकर्ता परिवार का आरोप है कि न्यायालय में चल रहे इस मामले को वापस लेने के लिए उन पर सामाजिक और अन्य माध्यमों से दबाव बनाया जा रहा है। हालांकि, इस प्रकरण में न्यायालय का अंतिम निर्णय आना अभी शेष है।

दो दिन बाद सुनीता वर्मा के साथ विवाद, दुकान पर पहुंचकर गाली-गलौज और धमकी का आरोप

मामले का दूसरा घटनाक्रम 27 अक्टूबर 2026 की रात करीब 9:45 बजे का बताया गया है। बाजना के राजपूत मोहल्ले में रहने वाली 64 वर्षीय सुनीता पति रमेशचंद्र वर्मा ने पुलिस को दिए आवेदन में घटना का उल्लेख किया है।

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सुनीता वर्मा के अनुसार, वह स्कूल संचालन के साथ अपने घर पर किराने की दुकान भी चलाती हैं। घटना की रात सद्दाम पिता सलीम खान अपने छोटे बच्चे को लेकर उनकी दुकान पर आया था। आरोप है कि बच्चा दुकान से दो-तीन बार चॉकलेट उठाकर अपने पिता के पास ले गया। जब वह दोबारा चॉकलेट लेकर जाने लगा तो सुनीता वर्मा के बेटे पंकज वर्मा ने उसे रोकने का प्रयास किया।

इसी बात को लेकर बच्चा रोने लगा। आरोप है कि इसके बाद सद्दाम गुस्से में दुकान के सामने पहुंचा और सुनीता वर्मा तथा उनके बेटे पंकज वर्मा के साथ अश्लील गाली-गलौज करने लगा।

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सुनीता वर्मा की शिकायत के अनुसार, विवाद के दौरान आरोपी ने उनके बेटे को काटकर फेंकने, मोहल्ले में रहना मुश्किल कर देने और जहां से आए हैं वहीं वापस भेजने जैसी धमकियां दीं। मां-बेटे के साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए जान से मारने की धमकी दिए जाने का भी आरोप लगाया गया है।

बताया गया कि विवाद बढ़ने पर सद्दाम के भाई सहबाज और जुबेर उसे पकड़कर वहां से ले गए। घटना के समय आसपास के लोगों की मौजूदगी भी बताई गई है।

सुनीता वर्मा का कहना है कि रात का समय होने और आरोपी के पड़ोस में रहने के कारण उन्होंने तत्काल पुलिस में शिकायत नहीं की। बाद में अपने बेटे के साथ बजाना थाने पहुंचकर लिखित शिकायत प्रस्तुत की और कार्रवाई की मांग की।

ऑडियो रिकॉर्डिंग और FIR की प्रति उपलब्ध होने का दावा

इस पूरे मामले में पीड़ित पक्ष की ओर से महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में ऑडियो रिकॉर्डिंग उपलब्ध होने की बात कही गई है। साथ ही पुलिस थाने में दर्ज FIR की प्रति भी उपलब्ध होने की जानकारी दी गई है। इंस्टग्राम 👉http://करें.https://www.instagram.com/naradhnews24?igsh=YTRmdWJyM25wcmtw

यदि ऑडियो रिकॉर्डिंग की प्रामाणिकता की पुष्टि होती है और उसमें शिकायत में लगाए गए आरोपों से संबंधित बातचीत सामने आती है, तो यह जांच का महत्वपूर्ण आधार बन सकती है। पुलिस द्वारा शिकायत, FIR, ऑडियो रिकॉर्डिंग, घटनास्थल और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों की निष्पक्ष जांच किया जाना आवश्यक है।

SP और कलेक्टर से सुरक्षा एवं निष्पक्ष जांच की गुहार।

लगातार मिल रही कथित धमकियों और सामाजिक दबाव से परेशान पीड़ित परिवार ने पुलिस अधीक्षक एवं जिला कलेक्टर को आवेदन देकर पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

परिवार की प्रमुख मांग है कि न्यायालय में विचाराधीन प्रकरण को वापस लेने के लिए दबाव बनाने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई हो, सामाजिक बहिष्कार की धमकियों की जांच की जाए तथा शिकायतकर्ताओं और उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

अब प्रशासन के सामने कई गंभीर सवाल

बाजना के इस पूरे घटनाक्रम ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या किसी न्यायालयीन प्रकरण को वापस लेने के लिए किसी परिवार पर सामाजिक दबाव बनाया जा सकता है? क्या किसी व्यक्ति या समूह को किसी परिवार के सामाजिक बहिष्कार का फरमान सुनाने अथवा उसे गांव से बाहर करने की धमकी देने का अधिकार है? क्या शिकायत करने वाले परिवार को सुरक्षा मिलेगी? और क्या पुलिस उपलब्ध ऑडियो रिकॉर्डिंग एवं FIR के आधार पर निष्पक्ष जांच कर आरोपों की सच्चाई सामने लाएगी?

नारद न्यूज़24 का सवाल: कानून से ऊपर कोई नहीं है। यदि किसी व्यक्ति के विरुद्ध शिकायत या न्यायालय में प्रकरण विचाराधीन है तो उसका समाधान कानूनी प्रक्रिया से ही होना चाहिए, न कि धमकी, दबाव या सामाजिक बहिष्कार से।

अब देखना होगा कि पुलिस प्रशासन इस पूरे मामले में क्या कार्रवाई करता है और पीड़ित परिवार को कब तक न्याय एवं सुरक्षा मिल पाती है।

विशेष सूचना: यह समाचार पीड़ित पक्ष की शिकायतों, उपलब्ध दस्तावेजों और उनके द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी पर आधारित है। लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र एवं आधिकारिक पुष्टि तथा संबंधित पक्षों का जवाब समाचार प्रकाशन के समय प्राप्त किया जाना शेष है। आरोप सिद्ध होना न्यायिक प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।

नारद न्यूज़24 | जनहित की खबर, निष्पक्ष पत्रकारिता।

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