विशाल और नि:शुल्क सामूहिक श्राद्धकर्म कार्यकर्म आयोजित हुआ,
सर्व पितृ अमावस्या पर सागोद रोड़ स्थित परिसर पर रतलाम जिले का सबसे श्राद्ध कर्म हुआ जिसमें लगभग 700 सो पति पत्नी जोड़े के साथ अन्य 600 सिंगल श्रद्धालु ने एक साथ बैठ कर दिवंगत आत्माओं के चार-चार पीढ़ियों के परिजनों का विधि-विधान से श्राद्ध तर्पण किया । यहाँ शहीद सैनिकों एवं कोरोना के दिवंगत जनों का आत्मीय स्मरण करते हुए श्राद्ध किया गया ।https://www.youtube.com/@naradhnews2424
आयोजक – श्री योग वेदांत सेवा समिति, युवा सेवा संघ. महिला उत्थान मंडल एवं मांगल्य मंदिर धर्मक्षेत्र द्वारा संत श्री वाटिका, चंपा विहार, सागोद रोड़ पर बुधवार को सामूहिक श्राद्ध कर्म विद्धान एवं संयमी ब्राह्मण पंडित शारदा प्रसाद मिश्र, महर्षि संजय शिवशंकर दवे, भागवताचार्य चेतन शर्मा एवं पंडित सोमेश जी के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ । यहाँ गौ-मुख से मंगवाए गए गंगाजल, महांकाल उज्जैन से आए पुजा के पान, कामधेनु गौशाला के पंचामृत से सामूहिक श्राद्धकर्म किया गया ।
इस दौरान नागरिकों ने अपने दादा और नाना के पक्ष के चार-चार ज्ञात पीढ़ियों के साथ अन्य दिवंगतजनों का भी श्राद्ध तर्पण किया । कार्यक्रम में प्रसाद स्वरुप कुबेर की पोटली का वितरण भी किया गया । सैकड़ो तुलसी के पौधे नि शुल्क वितरित किए गए ।
महापौर प्रहलाद पटेल सहित अन्य प्रमुखजन कार्यक्रम में शामिल हुए । जोधपुर से आयी महाप्रसादी के साथ सभी को भोजन प्रसादी दी गई।

दिवंगत जनों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त इस अवसर पर पंडित शारदा प्रसाद मिश्र ने सर्वपितृ अमावस पर श्राद्धकर्म की महिमा का वर्णन करते हुए बताया कि परिवार के सभी ज्ञात और अज्ञात जनों का सामूहिक श्राद्ध करने के मूल में उद्देश्य यही होता है कि पितृजनों का आशीर्वाद मिले। जिन्हें अपने पूर्वजों की पर लोकगमन की तिथियाँ ज्ञात नहीं होती है, वे सर्वपितृ दर्श अमावस्या के दिन श्राद्ध करते है । https://www.facebook.com/dolat.patidarभारतीय संस्कृति में दिवंगत जनों के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने का यह 16 दिवसीय सबसे बड़ा पर्व है । रतलाम जिला स्तरीय नि:शुल्क सामूहिक श्राद्ध में शामिल होकर नागरिकों ने इस पावन प्रवाही वैदिक परम्परा का निर्वहन किया है । कार्यक्रम का संचालन रविन्द्र जादौन एवं आभार रुपेश साल्वी ने माना ।
Author: Naradh News24
प्रधान संपादक


